असपा की रैली में जुट रहे जनसैलाब के मायने तलाश रहे सियासी दल

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यूपी में हो रही संवैधानिक अधिकार बचाओ रैलियों में जुट रही भारी भीड़

कमल जयंत

लखनऊ। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की यूपी के विभिन्न जिलों में आयोजित संवैधानिक अधिकार बचाओ रैली में जुट रही भारी भीड़ से यह तो साफ हो रहा है कि राज्य की योगी सरकार के खिलाफ लोगों में खासतौर पर दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के बीच खासा असंतोष है। यह असंतोष असपा की रैली में भीड़ की शक्ल में दिखने लगा है।

असपा प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद पिछले महीने से यूपी में भाईचारा बनाओ और संवैधानिक अधिकार बचाओ रैली का आयोजन कर रहे हैं। इन रैलियों को राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। चन्द्रशेखर आजाद की मौजूदगी में रैली में जुट रही भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि राज्य में असपा का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है। सियासी गलियारों में इन रैलियों को चुनावी अभियान के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।

चन्द्रशेखर आजाद ने राज्य में सबसे पहले शुरू किया चुनाव अभियान

बुधवार को जौनपुर में हुई असपा की रैली में पार्टी प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद को सुनने के लिए भारी तादाद में लोग एकत्र हुए। रैली में जुट रही भारी भीड़ से एक बात तो साफ है कि अगर असपा मुख्य विपक्षी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ते हैं और अकेले चुनाव मैदान में आते हैं तो एक बार फिर नुकसान विपक्ष के गठबंधन का ही होगा।वैसे ये माना जा रहा है कि राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में असपा अकेले मैदान में नहीं उतरेगी। पार्टी सूत्राों के मुताबिक असपा प्रमुख का मकसद भी भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना है। ऐसी स्थिति में असपा अगला चुनाव गठबंधन करके ही लड़ेगी। असपा इंडिया गठबंधन के साथ जाएगी या कोई अन्य विकल्प चुनेगी यह तो चुनाव की घोषणा के बाद ही पता चल पाएगा। चन्द्रशेखर आजाद ने जौनपुर की महारैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में दिन-रात जुटे सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को हृदय से आभार जताया और साथ ही, इस महारैली को अपना अपार प्यार और समर्थन देकर इतिहास रचने वाली सम्मानित जागरूक और संघर्षशील अवाम का दिल से स्वागत किया।

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