आरओ, एआरओ की चयन प्रक्रिया में आरक्षण घोटाला

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सामान्य वर्ग से अधिक अंक प्राप्त करने वाले पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को प्री परीक्षा में किया फेल

कमल जयंत

लखनऊ। यूपी लोकसेवा आयोग द्वारा सहायक समीक्षा अधिकारी और समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में सामान्य वर्ग से अधिक अंक लाकर पास होने वाले पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को प्री परीक्षा में ही फेल कर दिया गया। इसके विरोध में विवेक यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका दायर की। विवेक यादव के वकील कृष्ण कन्हैया पाल ने अदालत में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों का पक्ष रखते हुए कहा कि जब सहायक समीक्षा अधिकारी और समीक्षा अधिकारी के पद पर पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक अंक हासिल किये हैं तो उन्हें किस आधार पर प्री परीक्षा में फेल कर दिया गया। जबकि कानून भी यह कहता है कि यदि दलित या पिछड़ा वर्ग का कोई भी अभ्यर्थी किसी नौकरी की परीक्षा में सामान्य वर्ग की श्रेणी के लिए तय अंक ले आता है तो उसका चयन सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों कीश्रेणी में किया जाता है।

 

कृष्ण कन्हैया पाल
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लिया संज्ञान, आयोग के वकील को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने का दिया निर्देश

एडवोकेट कृष्ण कन्हैया पाल ने अपनी दलील में कहा कि जिन पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों का उनके प्राप्त अंक के मुताबिक सामान्य वर्ग की श्रेणी में परिणाम उत्तीर्ण होना चाहिए था, लेकिन इन पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को प्री परीक्षा में ही फेल कर दिया गया। इस पर कोर्ट ने यूपी लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता को प्रति शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 15 दिसंबर 2025 तय की। अगली तारीख में आयोग के अधिवक्ता को आयोग का पक्ष रखने के भी निर्देश दिये।

 

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