तमाम कयासबाजियों के बावजूद राजद की करारी हार से हौसला हुआ पस्त

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव (स्वतंत्र पत्रकार)
इसमें कोई शक-शुबहा नहीं है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में सत्ता के प्रबलतम दावेदारों में से एक हैं। उत्तर प्रदेश में सत्तासीन बीजेपी के विरोध में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ही है। यही वजह है कि उनका आत्मविश्वास और उत्साह दोनों ही चरम पर है। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद न केवल उनका विश्वास डिगा है बल्कि थोड़े डरे भी हैं। क्योंकि पिछले दिनों जिस तरह से उन्होंने मीडिया और गायकों से अपील की है कि आप बिहार चुनाव में राजद की तारीफ में बनाए गए गाने की तरह मेरे लिए न बनाए और मीडिया के साथी किसी के बनाए गानों को पार्टी का गाना न माने। यह अपील उनके डर का प्रमाण है। सपा मुखिया अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के अति उत्साह से चिंतित हैं। उनकी यह चिंता बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से है।
क्योंकि राजद की जीत और एनडीए की हार को लेकर किये जा रहे तमाम कयासबाजियों के बावजूद राजद की करारी हार हुई साथ ही एनडीए को 202 सीटों की जीतवाली जीत मिली। अखिलेश का मानना है कि राजद के इस पराजय के पीछे राजद कार्यकर्ताओं का अति उत्साह और आत्मविश्वास था। इसके अलावा चुनाव के दौरान गायकों द्वारा ऐसे-ऐसे गाने गाए गए जिसने पार्टी को जीत दिलाने की बजाय नुकसान पहुंचाने का काम किया। इन गानों को आधार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने अपनी चुनावी सभाओं में राजद के विरोध में माहौल बनाया। इससे सबक लेते हुए अखिलेश यादव इस बार ऐसा करने से बच रहे हैं। पिछले दिनों पार्टी मुख्यालय पर आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव में बजे गानों का जिक्र करते हुए पार्टी को उससे सावधान रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मैं कलाकार साथियों से कहूंगा कि बिहार में राजद के लिए जैसे गाने बने, वैसे गाने मत बना देना। इसके साथ ही मीडिया के साथियों से भी अपील की और कहा कि कोई कैसा भी गाना बनाए उसे हमारा गाना मत बता देना।
बिहार चुनाव के दौरान राजद को लेकर रंगबाजी वाले गाने खूब बने थे। सियासी जानकार बिहार में राजद और उनके सहयोगियों को मिली हार का कारण भी इन गानों को ही बता रहे है। राजद की तरफ से इन गाना गाने वाले 32 गायकों को नोटिस भेजा गया है। इन पर राजद को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है। आरोपी गायकों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। राजद के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव की मुताबिक चुनाव के पहले राजद को बदनाम करने के लिए कई गीत बाजार में जान-बूझकर लॉन्च किए गए। सपा मुखिया उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर भी परेशान है। उनका मानना है कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर इस रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत हजारों-लाखों मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि ये सोची-समझी साजिश है। संविधान ने हमें जो वोट का अधिकार दिया है, उसे छीनने की तैयारी है। आरक्षण और पहचान पर हमला किया जा रहा है। बीजेपी और आयोग एसआईआर के बहाने लोगों का अधिकार छीन रहे हैं।