भाजपा ने राजकोष से मतदाताओं को खरीदकर बिहार में जीत हासिल की
कमल जयंत
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं यूपी के पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद का कहना है कि उनका निजी तौर पर मानना है कि ईवीएम में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है और न ही ईवीएम में हेरफेर करके भाजपा चुनाव जीत रही है। उनका कहना है कि वह सपा कार्यकर्ता की हैसियत से नहीं बल्कि एक अम्बेडकरवादी होने के नाते यह कह रहा हूं कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग के सहयोग से चुनावों के दौरान सरकारी कोष से रुपयों का लालच देकर मतदाताओं को खरीदा और चुनाव जीता, लेकिन निर्वाचन आयोग ने भाजपा के इस क्रियाकलाप पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं लगाई। बल्कि पूरे चुनाव के दौरान भाजपा ने अपनी सरकार के कोष का इस्तेमाल करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ ही मतदाताओं को नकद राशि भी दी।

दद्दू प्रसाद का कहना है कि अब चुनावों में निर्णायक भूमिका अति पिछड़ा और अति दलित समाज की है। इन वर्गों को भाजपा ने अपने पक्ष में कर लिया है और मौजूदा हालात में दोनों वर्ग का वोट भाजपा का आधार वोटबैंक बन गया है। इसी वोट बैंक के जरिए भाजपा लगातार एक के बाद एक राज्य में फतह हासिल करती जा रही है। उनका कहना है कि बिहार का चुनाव शोषित बनाम शोषक नहीं था बल्कि शोषित बनाम शोषित था। ये पूरा चुनाव नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच था। नीतीश कुमार की नशाबंदी नीति का फायदा उन्हें इस चुनाव में मिला, जिसकी वजह से दलित और अति दलित के साथ ही अति पिछड़ा वर्ग की महिलाओं ने नीतीश के नाम पर एनडीए गठबंधन के पक्ष में एकतरफा वोट किया और बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बन गयी।