सामाजिक संस्था वे टू सक्सेज फाउंडेशन के अध्यक्ष मो. शफीक सलमानी बसंतकुंज में चला रही जागरूकता अभियान
लखनऊ। अकबर नगर से बसंतकुंज योजना में बने आवासों में बसाये गये दस हजार लोग इन दिनों एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर परेशान हैैं। मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए पिछले पन्द्रह दिन से अकबर नगर और बसंतकुंज के बीच घड़ी के पैंडुलम की तरह झूल रहे हैं। सामाजिक संस्था वे टू सक्सेज फाउंडेशन के अध्यक्ष मो. शफीक सलमानी भी अकबरनगर से निर्वासित होकर पूरे परिवार के साथ बसंतकुंज स्थित कालोनी में रह रहे हैं।
इनका कहना है कि इन दिनों इस बात का डर फैलाया जा रहा है कि अगर इस बार एसआईआर में मतदाताओं ने अपना वोट अपडेट नहीं कराया तो उन्हें वोट डालने के अधिकार से महरूम होने के साथ ही उनकी नागरिकता पर भी संकट आ जाएगा। शफीक का कहना है कि हालांकि निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट दोनों ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस एसआईआर प्रक्रिया का नागरिकता से कोई लेनादेना नहीं है। बावजूद इसके लोग परेशान हैं। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय लोग विभिन्न दलों के नेताओं के यहां चक्कर लगा रहे हैं।
घड़ी की पैंडुलम की तरह अकबर नगर और बसंतकुंज के बीच झूल रहे दस हजार लोग
चूंकि पूरा अकबर नगर बसंतकुंज योजना के तहत आवंटित आवासों में ही रह रहा है। इसलिए यहां रह रही दस हजार की आबादी अपने वोट के अधिकार के साथ ही अपनी भारतीयता यानि अपनी नागरिकता को लेकर चिंतित है। शफीक सलमानी का कहना है कि वह अपनी संस्था के जरिए पूरे क्षेत्र के लोगों के बीच जनजागरूकता अभियान चलाकर उन्हें यह बता रहे हैं कि एसआईआर का नागरिकता से कोई लेनादेना नहीं है। धीरे-धीरे आम जन इस बात को समझ भी रहा हैै।