एसआईआर को लेकर पूरे देश में हाहाकार, आम आदमी परेशान : चन्द्रशेखर

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एसआईआर से शिक्षकों व आंगनबाड़ी की ड्यूटी हटाई जाए

कमल जयंत

नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद ने देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि आयोग द्वारा 96.22 गणना प्रपत्र बांटने का दावा हकीकत से कोसो दूर है। 60 फीसदी से अधिक लोगों को अभीतक गणना प्रपत्र उपलब्ध नहीं हुए हैं। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरे देश में हाहाकार है और इस प्रक्रिया से गांव-देहात ही नहीं शहर के लोग भी काफी परेशान हैं। गरीब और वंचित समाज के लोग बेवजह अपनी पहचान से संबंधित कागजात बनवाने में लगे हुए हैं।

असपा अध्यक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र

2003 की मतदाता सूची में अपना नाम खोजने के लिए लोग परेशान हैं। सूची में नाम खोजने को लेकर देशभर में एक नया व्यवसाय शुरू हो गया है, जिसकी वजह से गरीबों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने आयोग को लिखे पत्र में कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण)अभियान में लगे शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आठ से नौ घंटे का रोजना समय खराब हो रहा है।

आत्महत्या करने वाले बीएलओ के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

जिसकी वजह से प्राइमरी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आयोग से मांग की कि शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तत्काल प्रभाव से चुनाव ड्यूटी से अलग किया जाए। चन्द्रशेखर ने आयोग से एसआईआर का समय बढ़ाने, 2003 की मतदाता सूची में नाम होने की बाध्यता खत्म करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि एसआईआर कराने की ड्यूटी के दौरान जिन बीएलओ ने आत्महत्या कर ली है, उनकी उच्च स्तरीय जांच करायी जाए।

96.22 गणना प्रपत्र बांटने का दावा हकीकत से कोसो दूर

निर्वाचन प्रक्रिया को जनता और कर्मचारियों दोनों के लिए सुरक्षित, सुलभ और मानवीय बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क ्रेऔर डिजिटल संसाधानों को तत्काल सुदृढ़ को कहा है। साथ ही पत्र में यह भी कहा है कि एसआईआर के लिए अलग से प्रशिक्षित युवा/ डेटा इंट्री स्टाफ को तैनात किया जाए। ताकि एसआईआर को लेकर जनता और कर्मचारी दोनों की समस्याओं का निदान हो सके।

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