फडणवीस को अपने पूर्वजों के कृत्य पर शर्मिंदा होना चाहिए
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी और टीपू सुल्तान की तुलना की तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस तिलमिला गए जबकि इन्हें अपने पूर्वजों के कृत्य पर शर्मिंदा होना चाहिए। डॉ. उदितराज ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि टीपू सुल्तान ने दलित महिलाओंको स्तन ढकने का अधिकार दिया। जो टीपू सुल्तान से न$फरत करते हैं अगर उनकी मां-बहनों को स्तन ढकने का अधिकार न होता तो वो कैसा महसूस करते?

टीपू सुल्तान से नफरत करने वालों की मां-बहनों को स्तन ढकने का अधिकार न होता तो वो कैसा महसूस करते
उन्होंने एक्स पर लिखा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करने से स्थानीय ब्राह्मणों ने इंकार कर दिया था क्योंकि वे उन्हें पारंपरिक ‘क्षत्रीय’ वंश का नहीं मानते थे और उन्हें ‘शूद्र’ या ‘कुम्बी’ (कृषक) वर्ग का मानकर राजा बनने योग्य नहीं मानते थे। रिश्वत देकर वाराणसी के पंडित को बुलाया गया और उस पंडित ने अपने पांव के बायें अंगूठे से छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक किया। जिस विचारधारा के लोग आज ख़ुद के स्वार्थ में शिवाजी की तुलना टीपू से करने पर विवाद खड़ा किए हैं, उनके पूर्वजों ने शूद्रों का कितना उनका अपमान किया था।