17 साल बाद फार्मासिस्टों के लिए निकलीं 550 नियुक्तियाँ

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​डीपीआरए के के ऐतिहासिक संघर्ष की जीत, बेरोजगार साथियों को होली का उपहार

​लखनऊ | ​उत्तर प्रदेश के हजारों बेरोजगार फार्मासिस्टों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक हर्ष और उल्लास का संदेश लेकर आया है। ‘डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन’ (DPRA) के शीर्ष नेतृत्व के निरंतर और अथक प्रयासों के फलस्वरूप, प्रदेश में लगभग 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद फार्मासिस्टों के पदों पर सरकारी भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया है।

​’डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन’ नेतृत्व की भूमिका सराहनीय 

लखनऊ के जिला मंत्री राजीव कनौजिया  ने कहा कि ​संगठन की इस बड़ी उपलब्धि पर प्रदेश भर के फार्मासिस्टों में भारी उत्साह है। बेरोजगार साथियों ने इसे “होली का सबसे बड़ा उपहार” बताते हुए अपने वरिष्ठ नेताओं राजीव कनौजिया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। कनौजिया  ने कहा कि यह जीत संगठन की अटूट एकता और बेरोजगारों के हक के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मिशन का सफल नेतृत्व ​डीपीआरए के प्रदेश अध्यक्ष जे.के. सचान और प्रदेश महामंत्री प्रद्युम्न सिंह ने संयुक्त रूप से किया। संगठन की इस मुहिम को लखनऊ के जिला मंत्री राजीव कनौजिया एवं अन्य समर्पित पदाधिकारियों और यूनियन के साथियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। इन्हीं सामूहिक प्रयासों का सुखद परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा 550 पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया है।

भर्ती प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए संगठन द्वारा शासन और आयोग स्तर पर लंबी और प्रभावी पैरवी की गई 

कनौजिया  ने कहा कि यह जीत संगठन की अटूट एकता और बेरोजगारों के हक के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए संगठन द्वारा शासन और आयोग स्तर पर लंबी और प्रभावी पैरवी की गई। इसी क्रम में 14 नवंबर 2025 को  सत्यनारायण साबत (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) को फार्मासिस्टों की नियुक्ति के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रत्यावेदन सौंपा गया था।

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