माँ बाप का जो, खिदमतगार नहीं है

वाल्दैन से जो, कर जायेगा किनारा, दुनियाँ में भला है, न आखिरत में गुज़ारा    …

‘मैं लम्हों का मुसाफिर ‘

मैं साँसों की स्याही से कुछ ख्वाब लिखे जाता हूँ इरशाद राही मैं लम्हों का मुसाफिर…

इरशाद राही की ग़ज़ल हम साथ हैं

माँ की ममता धर्म नहीं पूछती इरशाद राही हम अलग नामों से एक ही मिट्टी में…

राजाजीपुरम में मुशायरे का आयोजन

एक शाम अवध के नाम मुशायरे में शायरों ने बांधा समां लखनऊ। लखनऊ पश्चिम विधानसभा के…

फिल्मी पर्दे पर लोकप्रिय रहीं सन्तोष आनन्द की कुछ रचनाएं

सन्तोष आनन्द ने अपने कैरियर के दौरान सौ से अधिक गीतों की रचना         …

भोले मन

नासमझी जीवन की भारी, गलेे पड़े भीतर बीमारी   डाॅ. जितेन्द्र राव ( आचार्य केजीएमयू )…

पतंगोत्सव के रूप में भी मनाई जाती है मकर संक्रांति

“उड़ी-उड़ी रे पतंग, चली बादलों के संग”                 शिवचरण…

ये बाबा साहब के संघर्षों की कमाई है

उजड़े हुए चमन में हरियाली जो आई है           डॉ. यदुनाथ सुमन…

आजकल के दौर में जिंदगी दबी है शोर में

रील बनाते बिना काम के सोये- सोये बिना जगे    डाॅ. जितेन्द्र राव ( केजीएमयू) आजकल…

नया साल मुबारक-2026

2025 गया 2026 आया खुशियों की बौछार करेगा    मो. रफीक सलमानी (मामू) 2025 गया 2026…