जातीय उत्पीड़न के कारण ही दलित, आदिवासी मुसलमान बने
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैैं कि भारतीय मुसलमानों की घर वापसी करानी है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वे भारतीय मुसलमानों की किस जाति में वापसी कराएंगे।

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मनुवादी व्यवस्था का शिकार हिंदू धर्म गैर बराबरी की सामाजिक व्यवस्था को स्थापित करने का पक्षधर है। ऐसे में यह सवाल और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आखिर मुस्लिमों की किस जाति में वापसी होगी, यदि उन्हें सवर्ण जातियों में ही वापस लाया गया तभी उनको सम्मान मिल पाएगा। जैसे वसीम रिजवी को हिंदू बनाकर जितेन्द्र त्यागी यानि सवर्ण हिंदू बनाया गया है।
दलित और पिछड़ा वर्ग की जातियों में वापस लाया गया तो उनकी स्थिति वहां से भी ज्यादा यहां खराब होगी। उन्होंने कहा कि भागवत जी उस जाति का नाम भी बताएं जो रोटी- बेटी का संबंध बनाने को तैयार है। उदितराज ने कहा कि मामूली यूजीसी नियम के कारण एक जाति दूसरे जाति के खून की प्यासी है। जातीय उत्पीड़न और भेदभाव के कारण ही मुख्य रूप से दलित, ओबीसी और आदिवासी मुसलमान बने और अभी भी मानसिकता में बदलाव नहीं आया है।