संविधान में ही निहित हैं दलितों, पिछड़ों के अधिकार : फतेह बहादुर

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आम जनता का संविधान पर भरोसा होना बहुत जरूरी

लखनऊ। सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वावधान में आजमगढ़ जिले के ग्राम पंचायत गौरा स्थित पूर्व प्रमुख फूला देवी के आवास पर प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि हमें भारतीय संविधान में प्रदत्त अधिकारों को पाने के लिए सजग रहना होगा। क्योंकि देश के दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज को संविधान से ही सारे अधिकार मिले हैं।

प्रबुद्धवर्ग समाज के दर्पण हैं और उनके विचार ही आने वाले पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हैं,यह समाज सेवा और राष्ट्र सेवा का सशक्त माध्यम हैं। भारत का संविधान देश की नीति, व्यवस्था, और न्याय का आधार है। आम जनता का संविधान पर भरोसा होना देश की प्रगति और विकास के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति आम जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा। समाज के हरेक व्यक्ति को संविधान के बारे में जागरूकता बढ़ाने, संविधान के मूल्यों और आदर्शों को बढ़ावा देने, संविधान के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करने, आम जनता को न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए अपने संकल्प को मजबूत करना होगा।

सामाजिक क्रांति के प्रतीक थे बाबा साहब : अनिरुद्ध सिंह

कार्यक्रम के संजोजक रामनवल व संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य लालसा राम ने किया। इस दौरान समाजसेवी अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान में वर्णित स्वतंत्रता, समता, बंधुता न्याय एवं सामाजिक समरसता व सद्भाव के मार्गो पर चलने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। बाबा साहब अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे बल्कि वह सामाजिक क्रांति के प्रतीक थे। वह एक महान विविधता अर्थशास्त्री,समाज सुधारक और दलितों के अधिकारों के प्रबल समर्थक थे उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार कहा जाता है, उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, शिक्षा और न्याय के लिए समर्पित किया। उन्होंने जाति प्रथा और छुआछूत के खिलाफ आंदोलन चलाया उनका उद्देश्य समाज में समानता और मानव अधिकारों की स्थापना करना था। वे स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बने और संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे भारतीय संविधान उनके विचारों सामान्य स्वतंत्रता और बंधुत्व का संजीव दस्तावेज है। 

बाबा साहब ने कहा था संविधान कितना भी अच्छा क्यों ना हो  उसे चलाने वाले लोग अच्छे नहीं होंगे तो वह सफल नहीं होगा

बाबा साहब ने कहा था की संविधान कितना भीअच्छा क्यों ना हो यदि उसे चलाने वाले लोग अच्छे नहीं होंगे तो वह सफल नहीं होगा साथियों आप सभी से अपील है कि आप अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त देवचंद राम उप सचिव ने भी गरीबो दलितों की उत्थान की बात कही। कार्यक्रम स्थल पर जिलापंचायत सदस्य आशीर्वाद यादव ,रामप्रसाद राम ,डॉ. दिनेश सागर ,डॉ. भरथ गौतम ,प्रधान रामसरन वर्मा, शिवधारी यादव ,पप्पू यादव प्रधान , इंजीनियर रामबिलास राम के अलावा  सत्यप्रकाश सिंह, त्रिभुवन राम, दिलीप कुमार एडवोकेट आदि मौजूद थे।

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