2025 गया 2026 आया खुशियों की बौछार करेगा

मो. रफीक सलमानी (मामू)
2025 गया 2026 आया खुशियों की बौछार करेगा
जिनकी झोलियों खाली थी ये नया साल भरेगा
खुशहाल रहे नया साल हमारा
बुलन्दी पर हम सब का सितारा
खयाल रहे आप किसी का दिल ना तोड़िएगा
कामयाबी कदम चूमेगी बस उम्मीद ना छोड़िएगा
फूल महकें खुशबुओं से आँगन सब का गुलजार हो
दुआ है जिन्दगी में सबकी बहार ही बहार हो
हर चेहरा खिलता हुआ गुलाब हो जाये
हर शक्स अपने मकसद कामयाब हो जाये
ऊपर वाले की हम सब रहमत नाजिल हो
जो भी दिली तमन्ना है वह हासिल हो
हरेक की में जिन्दगी इस साल खुशहाली हो
खुशियों हो इतनी कि जैसे ईद या दीवाली हो
हर शख्स रहे चैन से बस अमन ही अमन हो जाए महकता हुआ(रफीक) हिन्द का हर एक चमन हो जाये